जंतर मंतर
जंतर मंतर का इतिहास
लघु सम्राट यंत्र

रामयंत्र

जयप्रकाश यंत्र

यहाँ का एक और मुख्य आकर्षण है जिनकी आकृति कटोरे की तरह है। इनके किनारों को क्षितिज मानकर आधे खगोलिय परिस्थितियों का प्रदर्शन हर एक पदार्थ के लिए किया जाता है। यह यंत्र सम्राट यंत्र व दिशा यंत्र के ठीक बीच में स्थित है। इन यंत्रों से सूर्य की राशि परिस्थिति का ज्ञान भी होता है।
सम्राट यंत्र

जैसा कि आप इसके नाम से ही समझ गए होंगे कि यह आकार में विशाल है इसलिए इसे ये नाम दिया गया है। जंतर मंतर का सबसे बड़े इस यंत्र की ऊँचाई 90 फीट है। इस यंत्र के ऊपरी हिस्से में एक छतरी जैसी बनी हुई है। इस यंत्र से ग्रह-नक्षत्रों में समय-समय पर होने वाली उथल-पुथल व समय का पता लगाया जाता है। इतने विशाल यंत्र को बनाने में कड़ी मेहनत लगी होगी, इस बात का पता तो इस यंत्र की ओर देखते ही पता चल जाता है।
दिशा यंत्र

जंतर मंतर के ठीक बीच में वर्ग के आकार की समतल भूमि पर लाल पत्थर से बना एक विशाल वृत है जिसके केंद्र से चारों दिशाओं की ओर समकोण बनाए गए हैं। इस यंत्र द्वारा दिशाओं का पता लगाया जाता है। दिखने में तो यह सरल-सा यंत्र मालूम होता है पर इसका भी बाकि यंत्रों की तरह अपना अलग महत्व है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकत
ध्रुवदर्शक यंत्र

यह यंत्र ध्रुव तारे की दिशा व गति के बारे में पता लगाता रहता है। उत्तर-दक्षिण दिशा की ओर स्थित यह यंत्र दीवार नुमा आकार की है जो दक्षिण से उत्तर की ओर कुछ उठी हुई है। इस यंत्र के दक्षिणी सिरे पर नेत्र लगाने से ध्रुव तारे स्थिति का स्पष्टता का पता लगता है।
क्रांति वृत

अगर आप जयपुर के जंतर मंतर आए हैं और क्रांति वृत ना देखें तो आपकी यात्रा अधूरी है। इस यंत्र का प्रयोग सौर मंडल में दिन के वक्त सूरज के चिन्हों को देखने के लिए किया जाता है। यह भी बेहद उम्दा प्रकार का यंत्र है जो अपनी छाप छोड़ता है।
चक्र यंत्र

चक्र यंत्र, जंतर मंतर, जयपुर एक रिंग यंत्र है जो सूर्य के निर्देशांक और घंटे के कोण की गणना करता है। इसमें चार अर्धवृत्ताकार चाप होते हैं, जिन पर सूक्ति एक छाया डालती है, जिससे एक दिन में चार बार सूर्य की झुकाव का पता चलता है।
दिगमास

नदीवलय

वृत सम्राट यंत्र

यह यंत्र प्रवेश करते ही दाँई ओर स्थित है। इस यंत्र के द्वारा सूर्य की मौजूदा स्थिति व स्थानीय समय का पता लगाया जाता है। इन यंत्रों का महत्व इसलिए है क्योंकि इतने लंबे अंतराल के बाद भी इन्होंने अपना वजूद बनाए रखा है और ये अभी भी अपना कार्य सही ढंग से करते आ रहे हैं। जंतर मंतर जयपुर भारत के सबसे उच्च श्रेणी के कार्यों का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है। सोचिए सूर्य की किरण इस यंत्र के केंद्र बिन्दू पर पड़ते ही कैसे ज़रा से समय में समय का पता लगा देता है। साधारण लोगों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें